Motor Vehicle Aggregator Guidelines 2025: अभी के वक्त में पूरे देश में कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल रोजाना होता है। ऑफिस जाने से लेकर देर रात को सफल करने और अकेले यात्री होने पर भी ओला, उबर और रैपीडो जैसे एग्रीगेटर प्लेटफार्म काफी ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ वक्त में इन प्लेटफार्म पर टाइपिंग सिस्टम और डायनामिक किराया काफी ज्यादा लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन अब इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल अग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में संशोधन करते हुए कुछ ऐसे नियमों को लागू कर दिया है जिसे ड्राइवर को पूरा मेहनताना भी मिलेगा। यात्रियों की सुरक्षा में वृद्धि होगी और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं पर भी रोक लग जाएगी।
ड्राइवर की टिप का पैसा नहीं कटेगा
सरकार की तरफ से निर्देश दे दिया गया है कि रैपीडो, ओला और उबर जैसी कंपनियां अब यात्रियों द्वारा जो भी टिप दी जाती है उसमें कोई भी हिस्सा नहीं कट पाएंगी। ग्राहक अगर ड्राइवर को खुशी से टिप दे देता है तो वह पूरी तरीके से पूरी रकम सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगी। पहले तो कई बार ऐसा भी होता था कि कंपनियां टिप पर भी कमीशन काट लेती थी। जिसके चलते ड्राइवर को पूरा पैसा नहीं मिल पाता था और नए नियमों के बाद में ऐसा करना गैर कानूनी माना जाएगा।
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राइड से पहले नहीं देनी होगी टिप
सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है और बताया है कि एडवांस टाइपिंग फीचर पर रोक लगा दी गई है। इसीलिए अब कोई भी यात्री राइड बुक करते वक्त या फिर यात्रा शुरू करने से पहले ड्राइवर को टिप नहीं दे पाएगा। सरकार ने बताया कि यह फीचर अनुचित व्यापार प्रथा बन गया था क्योंकि ज्यादा टीप देने वाले यात्रियों को पहले कैब मिल जाती थी। राइड बुकिंग एक तरीके की नीलामी बन गई थी। इसीलिए सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटक्शन अथॉरिटी ने इस पर आपत्ति जाहिर की।
यात्रा पूरी होने के बाद ही मिलेगी टिप
नए नियमों की माने तो टिप देने का ऑप्शन सिर्फ यात्रा पूरी हो जाने के बाद में एप्लीकेशन में ही नजर आएगा। टिप देना पूरी तरीके से वॉलंटरी होगा। कोई भी दबाव, पॉप अप या फिर भ्रामक संदेश नहीं दिया जाएगा। सरकार ने यह भी साफ कर दिया की टिपिंग सिस्टम कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट 2019 का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।