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एक Silent Call से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, फटाफट जान लें बचने का तरीका

एक Silent Call से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, फटाफट जान लें बचने का तरीका

Silent Call Scam: पहले के वक्त में मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत करने का जरिया हुआ करता था लेकिन अभी के वक्त में ऐसा नहीं है बल्कि यह साइबर ठगो के लिए एक बहुत ही आसान रास्ता बन गया है। अभी के वक्त में काफी सारे लोगों के फोन पर ऐसे कई सारे कॉल आते हैं जिनमें कॉल उठाते ही सामने से कोई भी आवाज नहीं आती है। काफी सारे लोग इसको नेटवर्क की समस्या समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन यही लापरवाही बड़ा नुकसान भी करवा सकती है।

दरअसल दूरसंचार विभाग ने हाल ही में साइलेंट कॉल स्कैन को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि बिना आवाज वाली कॉल्स साइबर अपराधियों की नई ट्रिक भी हो सकती है। इस तरीके की कॉल्स के जरिए स्कैमर्स पहले तो यूजर की गतिविधि को समझने लगते हैं और फिर उनको फ्रॉड के जाल में फंसा देते हैं। अगर वक्त रहते सतर्कता नहीं बढ़ती जाती है तो बैंक अकाउंट तक खाली हो सकता है और आज हम आपको इससे बचने के लिए कुछ टिप्स बताने वाले हैं।

क्या होता है साइलेंट कॉल?

साइलेंट कॉल एक ऐसी कॉल होती है जिसमें आपका फोन आता है और उसको उठाने के बाद में सामने से कोई भी आवाज नहीं आती है। DoT की माने तो यह सिर्फ नेटवर्क की प्रॉब्लम नहीं होती है बल्कि कई बार स्कैम करने वाले लोगों की प्लानिंग का एक पहला स्टेप माना जाता है। इस कॉल के जरिए तक यह चेक कर लेता है कि कोई नंबर एक्टिव है या फिर नहीं।

अगर कोई कॉल उठा लेता है तो उनका नंबर एक्टिव लिस्ट में पहुंच जाता है और इसके बाद में इस नंबर को आगे फ्रॉड के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता है। कई सारे केसेस में तो यूजर को बार-बार ऐसे ही कॉल आने लग जाते हैं। जिससे कि वह परेशान होकर गलत फैसला ले लेता है और इसी के चलते साइलेंट कॉल को हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।

साइलेंट कॉल आने के बाद कैसे शुरू होता है फ्रॉड?

साइलेंट कॉल के जरिए स्कैमर्स यूजर की कई सारी बातों को नोटिस कर लेते हैं। जैसे कॉल उन्होंने कितनी देर में उठाई है कितनी जल्दी उठाई। कॉल काटने में कितना वक्त लगा और कॉल के वक्त बैकग्राउंड में क्या आवाज आई थी। इस तरीके की जानकारी के आधार पर वह तय कर लेते हैं कि यूजर कितना सतर्क है। इसके बाद में बैंक अकाउंट से लेकर केवाईसी या फिर सिम बंद होने जैसे डराने वाले कॉल या फिर मैसेज भी आने लग जाते हैं।

कई बार तो ऐसे भी कॉल आते हैं जब कोई खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या फिर कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताने लगता है। डर और जल्दबाजी में काफी सारे लोग तो अपनी प्राइवेट जानकारी से लेकर ओटीपी या फिर पिन भी शेयर कर देते हैं। यहीं से असली फ्रॉड शुरू हो जाता है और अकाउंट से पैसे पूरे के पूरे उड़ जाते हैं।

साइलेंट कॉल से कैसे करें बचाव?

DoT द्वारा मोबाइल यूजर्स को कुछ जरूरी सावधानियां अपने की सलाह दी जाती है। किसी भी तरीके का साइलेंट कॉल आता है तो उस पर कॉल बैक नहीं करना चाहिए। अनजान नंबर से आई हुई बिना आवाज वाली कॉल को इग्नोर करने के बजाय बहुत ज्यादा सतर्क हो जाना चाहिए। बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर आने वाले कॉल पर अपनी निजी जानकारी कभी भी शेयर नहीं करनी चाहिए।

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ओटीपी से लेकर बैंक डिटेल या फिर कोई भी पिन शेयर नहीं करना चाहिए। ऐसे संदिग्ध नंबर को तुरंत संचार साथी एप्लीकेशन या फिर वेबसाइट पर रिपोर्ट करना चाहिए। यह एप्लीकेशन DoT की एक पल है और इसके जरिए फ्रॉड से जुड़े हुए नंबरों पर कार्यवाही होती है। थोड़ी सी समझदारी और सही कदम आपको आर्थिक नुकसान से भी बचा सकता है।

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Kanchan

Senior Journalist & Editorial Writer at Timesbull News Network covering business, technology, market intelligence, and national affairs.