TIMESBULL
LIVE SPORTS
Australia tour of India 2026🔴 LIVE
🇮🇳 India: 286/5 (46.2 ov)
🇦🇺 Australia: 282/10 (49.4 ov)
India need 3 runs in 22 balls
T20 World Cup Warm-up 2026🔴 LIVE
🏴󠁧󠁢󠁥󠁮󠁧󠁿 England: 194/6 (20.0 ov)
🇵🇰 Pakistan: 142/7 (16.1 ov)
Pakistan need 53 runs in 23 balls
UEFA Champions League🔴 82'
🇪🇸 Real Madrid: 2
🇬🇧 Manchester City: 1
Santiago Bernabéu, Madrid
English Premier League🔴 90+4'
🔴 Arsenal: 3
🔴 Liverpool: 3
Emirates Stadium, London
LIVE UPDATES 📅 Monday, August 10, 2026

Railway Free Sanitary Napkin Scheme: अब सफर में पीरियड्स की टेंशन खत्म, रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे चालू रहेगी यह डिजिटल सुविधा

Railway Free Sanitary Napkin Scheme: अब सफर में पीरियड्स की टेंशन खत्म, रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे चालू रहेगी यह डिजिटल सुविधा

Railway Sanitary Napkin Scheme: यदि आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करती हैं, तो रेलवे स्टेशनों की भीड़भाड़ के बीच यह नई सुविधा आपको बहुत बड़ी मानसिक और शारीरिक राहत देने वाली है। भारतीय रेलवे ने महिलाओं की सेहत और गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए उत्तर भारत के व्यस्त स्टेशनों पर दिन-रात यानी 24 घंटे चालू रहने वाला यह सिस्टम लागू किया है।

सफर के दौरान अचानक आने वाले पीरियड्स या पैड खत्म होने की आपातकालीन स्थिति में अब महिलाओं को स्टेशन से बाहर भागने या किसी के सामने झिझकने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।

हाई-टेक आईओटी (IoT) मॉनिटरिंग सिस्टम

रेलवे प्रशासन ने इस बार केवल मशीनें लगाने तक ही सीमित रहने के बजाय यह भी सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को हमेशा वर्किंग कंडीशन में पैड मिल सकें। इसके लिए इन वेंडिंग मशीनों को बेहद आधुनिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित तकनीक से लैस किया गया है।

इस डिजिटल रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से रेलवे कंट्रोल रूम और संबंधित टीम को लाइव डेटा मिलता रहता है कि किस स्टेशन की मशीन में कितने सेनेटरी नैपकिन बचे हैं। जैसे ही किसी मशीन में स्टॉक कम होने लगता है, सिस्टम अपने आप अलर्ट भेज देता है, जिससे कर्मचारी तुरंत जाकर उसमें नए पैड रीफिल कर देते हैं।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस अनूठी और दूरदर्शी पहल के जरिए अब तक देश की लगभग 3 करोड़ (30 मिलियन) से अधिक महिला यात्री और छात्राएं मुफ्त नैपकिन का लाभ उठा चुकी हैं, जो इस प्रोजेक्ट की अपार सफलता को साफ दर्शाता है।

पीरियड हाइजीन और महिला सुरक्षा

आमतौर पर भारतीय समाज में माहवारी या पीरियड्स स्वच्छता (Menstrual Hygiene) को लेकर खुलकर बात नहीं की जाती, जिसके कारण यात्रा के समय महिलाओं और छात्राओं को सबसे ज्यादा असहजता का सामना करना पड़ता था। कई बार आवश्यक उत्पाद समय पर न मिलने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता था।

रेलवे का यह कार्यक्रम केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के आत्मसम्मान और सेहत को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा सामाजिक बदलाव है। स्टेशनों पर इन वेंडिंग मशीनों के लग जाने से महिला यात्री अब पूरे आत्मविश्वास के साथ लंबी दूरी की यात्राएं तय कर पा रही हैं।

महिला आरक्षित कोचों, रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए तैनात ‘मेरी सहेली‘ टीम और चौबीसों घंटे चलने वाले स्वच्छता अभियानों के बाद, यह हेल्थ इनिशिएटिव भारतीय रेल को महिलाओं के लिए एक बेहद संवेदनशील और सुरक्षित परिवहन माध्यम बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

PPP और CSR मॉडल की मिसाल

इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए रेलवे प्रशासन और निजी क्षेत्र ने एक साथ मिलकर काम किया है। इस बेहतरीन परियोजना को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत लागू किया गया है, जो यह दिखाता है कि जब सरकारी बुनियादी ढांचा और निजी कंपनियां हाथ मिलाती हैं, तो आम जनता के लिए कितनी समावेशी और लाभकारी सुविधाएं तैयार की जा सकती हैं।

P

Priya Kumari

Senior Journalist & Editorial Writer at Timesbull News Network covering business, technology, market intelligence, and national affairs.