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Post Office Savings Account Update: डाकघर के करोड़ों ग्राहकों को मिली बड़ी राहत, देश के किसी भी कोने से ऑपरेट होगा आपका खाता

Post Office Savings Account Update: डाकघर के करोड़ों ग्राहकों को मिली बड़ी राहत, देश के किसी भी कोने से ऑपरेट होगा आपका खाता

Post Office e-KYC New Rules: डाकघर के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में खड़े होकर बार-बार फॉर्म भरने के दिन अब लद गए हैं। डाक विभाग ने अपने पूरे बैंकिंग सिस्टम को हाई-टेक बनाते हुए बायोमेट्रिक और डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम को लागू कर दिया है। इस शानदार कदम से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी।

अब ग्राहक देश के किसी भी कोने में बैठकर अपने खाते को आसानी से ऑपरेट कर सकते हैं। आइए इस बेहद महत्वपूर्ण और काम की रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि इस नई व्यवस्था का लाभ किन खाताधारकों को मिलेगा, इसकी सीमाएं क्या हैं और सुरक्षा को लेकर विभाग ने क्या सख्त निर्देश दिए हैं।

इन खाताधारकों को होगा सीधा फायदा

डाक विभाग द्वारा शुरू की गई इस पेपरलेस सर्विस का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो बार-बार फॉर्म भरने की झंझट से बचना चाहते हैं। सरकार ने इसके दायरे में मुख्य रूप से तीन प्रकार के खातों को शामिल किया है। यदि आपका खाता पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA), आरडी अकाउंट (Recurring Deposit), या सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) के तहत आता है, तो आप इस सर्विस का लाभ उठा सकते हैं।

नियमों के मुताबिक, जिन खाताधारकों का ई-केवाईसी (e-KYC) वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, वे देश के किसी भी सब-पोस्ट ऑफिस या ब्रांच पोस्ट ऑफिस में जाकर बिना कोई जमा पर्ची (Pay-in Slip) भरे एक दिन में ₹50,000 तक की नकद राशि जमा कर सकते हैं।

इसके साथ ही, बचत खाताधारक बिना किसी विड्रॉल फॉर्म के केवल अपने बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन (अंगूठे के निशान) के जरिए ₹20,000 तक की नकद निकासी कर सकते हैं। ग्रामीण इलाकों के बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं है।

देश के किसी भी डाकघर से संचालित होगा आपका खाता

डाक विभाग ने एक और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए ‘एनीव्हेयर बैंकिंग’ (Anywhere Banking) को हकीकत में बदल दिया है। पहले के नियमों के अनुसार, ग्राहकों को बड़े ट्रांजैक्शंस या विशेष कामों के लिए उसी डाकघर में जाना पड़ता था जहाँ उन्होंने अपना खाता खुलवाया था, जिसे ‘होम ब्रांच’ कहा जाता है।

लेकिन अब, डिजिटल वेरिफिकेशन और सफल ई-केवाईसी के बाद आपका अकाउंट पूरी तरह से सेंट्रलाइज्ड हो चुका है। इसका मतलब यह है कि यदि आपका खाता बिहार, उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के छोटे से गांव में है और आप काम के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे किसी बड़े शहर में रह रहे हैं, तो आपको पैसे निकालने या जमा करने के लिए गांव भागने की जरूरत नहीं है। आप अपने नजदीकी किसी भी डाकघर की शाखा में जाकर तुरंत अपना वित्तीय लेनदेन पूरा कर सकते हैं।

इन नियमों को जानना है बेहद जरूरी

हालांकि यह डिजिटल सुविधा बेहद कमाल की है, लेकिन डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी प्रकार के खातों पर एक समान लागू नहीं होगा। सुरक्षा और कानूनी पेचीदगियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुछ खातों को इस एक्सप्रेस सर्विस से बाहर रखा गया है।

यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि ई-केवाईसी आधारित पेपरलेस ट्रांजैक्शन की यह सुविधा केवल सिंगल अकाउंट (Single Account) यानी व्यक्तिगत खातों के लिए ही मान्य होगी। यदि आपका जॉइंट अकाउंट (संयुक्त खाता) है, जिसमें दो या दो से अधिक नाम शामिल हैं, तो आपको पहले की तरह ही फॉर्म और हस्ताक्षर के जरिए ही लेनदेन करना होगा।

इसके अलावा बच्चों या नाबालिगों के नाम पर चल रहे माइनर खातों पर भी यह नई व्यवस्था अभी लागू नहीं होगी। इन खाताधारकों को पुराने स्थापित नियमों के अनुसार ही अपनी शाखा में जाकर कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

मोबाइल लिंकिंग अनिवार्य

इस पूरी डिजिटल प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि खाताधारक का मोबाइल नंबर और उसका वैध आधार नंबर डाकघर के कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल (CIF) में पूरी तरह अपडेटेड और आपस में लिंक होना चाहिए। बिना एक्टिव मोबाइल नंबर के सिस्टम डिजिटल कंसेंट (सहमति) की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाएगा।

इसके अलावा, डाक विभाग की डिजिटल विंग ने आगामी समय को लेकर एक बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। 1 सितंबर 2026 से विभाग के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘DREAM’ ऐप के जरिए होने वाले सभी प्रकार के ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस को केवल उन्हीं खातों के लिए अनुमति दी जाएगी, जिनका मोबाइल नंबर पूरी तरह से लिंक्ड और वेरिफाइड होगा। जिन खातों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होगा, वे 1 सितंबर 2026 के बाद इस ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

सुरक्षा का कड़ा पहरा

डिजिटल कंसेंट (डिजिटल सहमति) मिलते ही सिस्टम सीधे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सुरक्षित सर्वर से आपका नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि, लिंग और स्थाई पता जैसी सभी जरूरी जानकारियां ऑटोमैटिक फैच (प्राप्त) कर लेगा। इससे मैन्युअल डेटा एंट्री के दौरान होने वाली स्पेलिंग की गलतियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी और रिकॉर्ड हमेशा अप-टू-डेट रहेगा।

 

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Priya Kumari

Senior Journalist & Editorial Writer at Timesbull News Network covering business, technology, market intelligence, and national affairs.