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Railway New Rules: बिना टिकट सफर करने वालों की अब खैर नहीं, रेलवे ने न्यूनतम जुर्माना बढ़ाकर किया ₹500

By Priya Kumari • June 22, 2026 ✔ E-E-A-T Verified

Indian Railways New Rules: अगर आप भी ट्रेन में कंफर्म टिकट न मिलने पर अक्सर जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट लेकर स्लीपर कोच में चढ़ जाते हैं और टीटीई (TTE) से रसीद कटवाकर सफर पूरा करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। केंद्र सरकार ने संसद से पास जन विश्वास अधिनियम के तहत रेलवे के नियमों में गुपचुप तरीके से एक बड़ा बदलाव कर दिया है।

20 जून 2026 से पूरे देश में लागू हुए इस नए कानून के बाद अब बिना वैध टिकट यात्रा करने वालों की जेब पर सीधा और भारी असर पड़ने वाला है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि रेलवे के इन नए नियमों से आम यात्रियों के लिए सफर के दौरान क्या-क्या बदलने जा रहा है।

रेलवे बोर्ड ने लागू किया नया कानून

भारतीय रेलवे के इस नए कदम के बाद ट्रेनों के आरक्षित डिब्बों (Sleeper & AC) में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले यात्रियों पर नकेल कसना तय माना जा रहा है। दरअसल, सरकार ने ‘जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2026’ को संसद से मंजूरी मिलने के बाद बिना किसी शोर-शराबे के पूरे देश में प्रभावी कर दिया है।

इस नए सख्त कानून के लागू होने से पहले, यदि कोई यात्री जनरल टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट लेकर स्लीपर क्लास में यात्रा करता पाया जाता था, तो उससे किराए के अंतर के साथ न्यूनतम ₹250 का जुर्माना वसूला जाता था। लेकिन अब रेलवे बोर्ड के नए आदेश के बाद इस न्यूनतम जुर्माने की राशि को बढ़ाकर सीधे ₹500 कर दिया गया है। यानी अब पकड़े जाने पर आपको सीधे दोगुना जुर्माना और साथ ही तय दूरी का किराया चुकाना होगा।

जानिए कितनी लगेगी पेनाल्टी

नए कानून के तहत सिर्फ बिना टिकट यात्रा करना ही नहीं, बल्कि रेलवे परिसर और ट्रेनों के भीतर होने वाले कई अन्य अपराधों के लिए भी पेनाल्टी की रकम में भारी बढ़ोतरी की गई है। नए नियमों के अनुसार, प्लेटफॉर्म टिकट या जनरल टिकट लेकर स्लीपर या एसी क्लास में यात्रा करने वालों को अब कम से कम ₹500 का न्यूनतम जुर्माना देना होगा, जो पहले ₹250 था।

इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों या ट्रेनों के भीतर बिना अनुमति के सामान बेचने वाले यानी अवैध फेरीवालों (Hawkers) पर अब ₹2,000 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, इस नए कानून के तहत ट्रेनों और रेलवे परिसरों में भीख मांगने को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है, और ऐसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हर तीन साल में अपने आप बढ़ जाएगा जुर्माना

जन विश्वास अधिनियम 2026 में एक और बेहद महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किया गया है, जिसके बारे में आम जनता को जानना बेहद जरूरी है। इस कानून के मुताबिक, रेलवे परिसर और ट्रेनों में होने वाले इन सभी अपराधों के लिए तय किया गया जुर्माना हमेशा एक जैसा नहीं रहेगा।

नियमों के अनुसार, यह जुर्माना राशि हर तीन साल में अपने आप (Automatically) 10% तक बढ़ जाएगी। यानी अगर आज न्यूनतम जुर्माना ₹500 है, तो ठीक तीन साल बाद यह बिना किसी नए आदेश के खुद-ब-खुद बढ़कर ₹550 हो जाएगा।

अगर भविष्य में रेलवे इस 10% की सीमा से ज्यादा जुर्माना बढ़ाना या घटाना चाहती है, तो इसके लिए रेलवे को एक अलग से संशोधन तंत्र (Revision Mechanism) तैयार करना होगा। ऐसे में समझदारी इसी में है कि जब भी घर से निकलें, हमेशा उचित और कंफर्म टिकट लेकर ही यात्रा की शुरुआत करें।