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KCC New Rules 2026: किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, RBI ने बदले लोन चुकाने के नियम

KCC New Rules 2026: किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, RBI ने बदले लोन चुकाने के नियम

Kisan Credit Card New Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान केसीसी (KCC) योजना के नियमों में बहुत बड़ा सुधार करते हुए फसल सीजन की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे अब लोन पास होने और उसे वापस चुकाने की पूरी प्रक्रिया किसानों के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान और साफ-सुथरी हो जाएगी। अगर आप भी खेती-किसानी के लिए बैंक से कर्ज लेते हैं, तो यह खबर सीधे आपके हक में है।

केंद्रीय बैंक ने लोन चुकाने के समय को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जो जनवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं। इन नए नियमों का सीधा असर किसानों के लोन रीपेमेंट शेड्यूल और बैंकों की मनमानी पर पड़ने वाला है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि आरबीआई के इस बड़े फैसले से देश के अन्नदाताओं को क्या राहत मिलने वाली है।

RBI ने बदला फसल सीजन का नियम

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने केसीसी लोन की वसूली और उसे एनपीए (NPA) घोषित करने के नियमों को ज्यादा व्यावहारिक बनाने के लिए नए आदेश दिए हैं। अब बैंकों को फसल सीजन की समय-सीमा को लेकर पूरी तरह स्पष्ट रहना होगा। नए नियमों के अनुसार, कम समय में तैयार होने वाली छोटी अवधि की फसलों के लिए अब फसल सीजन को पूरे बारह महीने का माना जाएगा।

इसका मतलब यह हुआ कि किसानों को फसल बोने, उसकी कटाई करने और उसे बाजार में बेचने के लिए पूरा एक साल का लंबा वक्त मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ वैसी फसलें जिन्हें तैयार होने में ज्यादा समय लगता है, जैसे गन्ना या अन्य नकदी फसलें, उनके लिए फसल सीजन की अवधि को अठारह महीने तय किया गया है।

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिलने के बाद ही लोन चुकाने की सहूलियत मिलेगी, जिससे उन पर समय से पहले कर्ज चुकाने का मानसिक दबाव बिल्कुल खत्म हो जाएगा।

बिना गारंटी लोन की सीमा और सुरक्षा

बहुत से किसान संगठन और बैंक यह मांग कर रहे थे कि केसीसी के तहत बिना किसी गारंटी या सिक्योरिटी के मिलने वाले लोन की सीमा को और बढ़ाया जाए। हालांकि, आरबीआई ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

केंद्रीय बैंक का कहना है कि दिसंबर 2024 में ही इस लिमिट को बढ़ाया गया था, इसलिए फिलहाल इसे और आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। इसके साथ ही आरबीआई ने छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए बैंकों को कुछ कड़े निर्देश भी जारी किए हैं।

बिना गारंटी लोन की सुरक्षा

नए नियमों के मुताबिक, दो लाख रुपये तक के कृषि लोन के लिए बैंकों को पूरी तरह से गारंटी, सुरक्षा और मार्जिन मनी की जरूरतों को खत्म करना होगा, यानी इस राशि तक के कर्ज के लिए बैंक किसानों से कोई सिक्योरिटी नहीं मांग सकते। इसके अलावा, अगर कोई किसान तीन लाख रुपये तक का लोन लेता है और वह अपनी खड़ी फसल या स्टॉक को बैंक के पास बंधक रखता है, तो बैंक जमीन या अन्य किसी बड़ी कोलैटरल गारंटी की मांग को पूरी तरह माफ कर सकते हैं।

साथ ही, सभी बैंकों को अपनी क्रेडिट नीतियों के अनुसार हर साल फसल बुवाई और उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों के लिए शॉर्ट-टर्म लोन की लिमिट की समीक्षा करनी होगी और उसका समय पर नवीनीकरण करना होगा ताकि किसानों को समय पर खाद-बीज के लिए पैसा मिलता रहे।

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Priya Kumari

Senior Journalist & Editorial Writer at Timesbull News Network covering business, technology, market intelligence, and national affairs.