Antyodaya Anna Yojana New Update: गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के चूल्हे अब और अधिक आसानी से जल सकेंगे। केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने नेशनल फूड सिक्योरिटी (संशोधन) विधेयक, 2026 का एक महत्वपूर्ण ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में बरसों से चली आ रही असमानता को पूरी तरह जड़ से खत्म करना है।
इस नए सरकारी प्रस्ताव पर आम जनता से आगामी 13 जुलाई 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। यदि आप भी राशन कार्ड धारक हैं या इस मुफ्त राशन योजना का लाभ लेते हैं, तो यह विस्तृत रिपोर्ट आपके लिए बेहद मददगार साबित होने वाली है।
क्या है सरकार का नया राशन प्रस्ताव

मौजूदा राशन प्रणाली के नियमों के अनुसार, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत आने वाले सबसे गरीब परिवारों को हर महीने एकमुश्त 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है। इस व्यवस्था में सबसे बड़ी कमी यह थी कि इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या (Family Members) पर ध्यान नहीं दिया जाता था। दूसरी तरफ, प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH) यानी प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम के हिसाब से राशन मिलता है।
इस पुराने नियम के कारण एक बड़ी विसंगति पैदा हो रही थी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी अंत्योदय (AAY) परिवार में 7 सदस्य हैं, तो भी उन्हें कुल 35 किलो राशन ही मिलता था, यानी हर सदस्य के हिस्से में सिर्फ 5 किलो अनाज आता था। वहीं दूसरी ओर, 7 सदस्यों वाले किसी प्राथमिकता (PHH) परिवार को भी 5 किलो प्रति व्यक्ति की दर से कुल 35 किलो राशन मिल जाता था।
सरकार का मानना है कि अंत्योदय श्रेणी के लोग समाज में सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता वाले परिवारों की तुलना में अधिक अनाज मिलना चाहिए। इसी असमानता को दूर करने के लिए नया कानून लाया जा रहा है।
नए नियम से कैसे बदलेगा राशन का कानून
संशोधित कानून के लागू होते ही अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अनाज का निर्धारण उनके परिवार के आकार के आधार पर होगा। नए फॉर्मूले के तहत प्रत्येक सदस्य के हिसाब से 7 किलोग्राम राशन तय किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी अंत्योदय परिवार में केवल एक सदस्य है, तो उसे हर महीने 7 किलोग्राम अनाज मिलेगा। इसी तरह दो सदस्यों वाले परिवार को 14 किलोग्राम और तीन सदस्यों वाले परिवार को 21 किलोग्राम राशन आवंटित किया जाएगा।
हालांकि, सरकार ने बड़े परिवारों के हितों की रक्षा के लिए एक अधिकतम सीमा भी तय की है। यदि किसी अंत्योदय परिवार में 5 या उससे अधिक सदस्य हैं, तो उन्हें अधिकतम 35 किलोग्राम राशन की कैपिंग के तहत पूरा अनाज मिलता रहेगा। इस कदम से सरकार दो बड़े लक्ष्य एक साथ हासिल करेगी।
पहला—जिन छोटे परिवारों में कम अनाज की जरूरत है, वहाँ राशन की कालाबाजारी और बर्बादी रुकेगी। दूसरा—जो अनाज यहाँ से बचेगा, उसका उपयोग देश के अन्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मुफ्त राशन पूल में जोड़ने के लिए किया जा सकेगा।

करोड़ों परिवारों को मिलेगा मुफ्त गेहूं और चावल
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, केंद्र सरकार इस कदम के जरिए देश के दूरदराज के इलाकों, ग्रामीण अंचलों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले नागरिकों की खाद्य और पोषण सुरक्षा (Nutrition Security) को चाक-चौबंद करना चाहती है। सरकार का संकल्प है कि देश के हर गरीब को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री आसानी से उपलब्ध हो।
आपको बता दें कि वर्तमान में अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवारों को सरकार की तरफ से पूरी तरह मुफ्त (Free Ration) गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि आगामी मानसून सत्र में इस संशोधन विधेयक को संसद से हरी झंडी मिल जाती है, तो देश के करोड़ों गरीब परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आएगा और कुपोषण के खिलाफ चल रही जंग को एक नई ताकत मिलेगी। 13 जुलाई 2026 तक मिलने वाले फीडबैक के बाद सरकार इस कानून को पूरे देश में लागू करने की तैयारी करेगी।