Delhi Lakhpati Bitiya Yojana 2026: दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राजधानी की बेटियों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए इस क्रांतिकारी कल्याणकारी कदम की घोषणा की है। 31 मार्च 2026 को दिल्ली के आधिकारिक राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य गरीब और आर्थिक रूप से लाचार परिवारों की बेटियों के स्कूल छोड़ने (Drop-out) की समस्या पर हमेशा के लिए लगाम लगाना है।
सरकार का विश्वास है कि पैसे की तंगी के कारण अब किसी भी होनहार बिटिया की पढ़ाई बीच में नहीं छूटेगी। आइए इस बेहद विस्तृत और संपूर्ण रिपोर्ट में समझते हैं कि इस अनूठी योजना के लिए कौन-कौन सी बेटियाँ पात्र हैं, आवेदन की प्रक्रिया क्या है और अलग-अलग कक्षाओं में इसका लाभ कैसे मिलेगा।
जानिए कौन उठा सकता है लाभ

सरकार ने इस कल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाने के लिए कुछ बेहद जरूरी और कड़े पात्रता मानदंड तय किए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा:
योजना के तहत लाभार्थी बिटिया का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, आवेदन करने वाले माता-पिता या अभिभावक का परिवार पिछले कम से कम तीन वर्षों से दिल्ली का स्थाई निवासी होना चाहिए।
योजना का मुख्य फोकस आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) पर है, इसलिए आवेदन करने वाले परिवार की कुल वार्षिक आय ₹1.20 लाख (एक लाख बीस हजार रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
बिटिया को दिल्ली के किसी सरकारी स्कूल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नामांकित और पढ़ाई करते होना चाहिए।
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि बिटिया का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए।
जन्म से लेकर कॉलेज तक मिलेगी पूरी मदद
इस योजना के तहत दिल्ली सरकार ने बेटियों के जीवन के हर उस मोड़ पर आर्थिक मदद देने का खाका खींचा है जहाँ पढ़ाई छूटने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को अलग-अलग स्तरों में विभाजित किया गया है।
पहले चरण के तहत बिटिया के जन्म के एक वर्ष के भीतर माता-पिता को पहला पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद स्कूली शिक्षा के दौरान कक्षा 1, 6, 9 और 11 में दाखिले के समय आवेदन किया जा सकता है। जो छात्राएं तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ाना चाहती हैं, वे कक्षा 10वीं पास करने के बाद पॉलीटेक्निक या आईटीआई में प्रवेश लेते समय इस योजना से जुड़ सकती हैं।
उच्च माध्यमिक स्तर पर कक्षा 12वीं में एडमिशन के समय और उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए यूजीसी से मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्नातक (Graduation) या डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने पर भी इस योजना के तहत पंजीकरण कराया जा सकता है।
Delhi launches ‘Lakhpati Bitiya Yojana’
Girls will receive phased deposits from birth till graduation, growing to over ₹1 lakh, credited directly to Aadhaar-linked bank accounts.
A big push to ensure no girl drops out due to lack of funds and to strengthen education support… pic.twitter.com/hd6fg8PqHP
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) February 11, 2026
उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार
इस योजना की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह केवल बुनियादी स्कूली शिक्षा तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए इसके दायरे को काफी व्यापक कर दिया है।
अब दिल्ली की वे छात्राएं जो भारत के किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, कॉलेज या तकनीकी संस्थान से प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेज (जैसे इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, या पैरामेडिकल) की पढ़ाई कर रही हैं, वे भी इस योजना के तहत वित्तीय मदद पाने की पूरी हकदार होंगी।
इसके अतिरिक्त, यूजीसी या अन्य सरकारी निकायों से मान्यता प्राप्त संस्थानों से सामान्य ग्रेजुएशन (B.A, B.Com, B.Sc) करने वाली बेटियों को भी इस भारी-भरकम बजट का सीधा फायदा दिया जाएगा ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के अपने करियर की नई उड़ान भर सकें।

ऑनलाइन हुई आवेदन प्रक्रिया
भ्रष्टाचार और दलालों से गरीब परिवारों को बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने इस पूरी आवेदन प्रक्रिया को 100% डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसके लिए एक समर्पित और सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है, जहाँ जाकर सभी जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, दिल्ली का तीन साल का निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और स्कूल/कॉलेज का आईडी कार्ड अपलोड करके आसानी से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
जिन परिवारों के पास इंटरनेट या कंप्यूटर की सुविधा नहीं है, उनके लिए सरकार ने दिल्ली के सभी जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालयों में विशेष ‘हेल्प डेस्क-कम-फैसिलिटेशन सेंटर’ (Help Desk-cum-Facilitation Centers) स्थापित कर दिए हैं।
ये सहायता केंद्र न केवल गरीब अभिभावकों का मुफ्त में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करेंगे, बल्कि उनके दस्तावेजों को सही तरीके से जमा कराने और योजना से जुड़ी किसी भी शिकायत या समस्या का तुरंत निपटारा करने का काम भी करेंगे। अपनी बेटियों के सशक्त भविष्य के लिए इस सुनहरे अवसर को हाथ से न जाने दें और समय रहते अपना आवेदन जरूर पूरा करें।