Senior Citizens Savings Scheme: आज के इस बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता वाले दौर में हर नौकरीपेशा नागरिक रिटायरमेंट के बाद अपनी गाढ़ी कमाई को किसी ऐसे सुरक्षित निवेश साधन में लगाना चाहता है जहाँ बाजार का जोखिम बिल्कुल शून्य हो और रिटर्न किसी भी आम बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से कहीं गुना दमदार मिले।
पोस्ट ऑफिस और अधिकृत बैंकों द्वारा संचालित सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम इसी भरोसे का दूसरा नाम है। यह योजना विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के मूलधन की 100% सुरक्षा करने और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए नियमित कैश फ्लो देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम 2026
केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस सुपरहिट बचत योजना की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने यानी त्रैमासिक आधार पर की जाती है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए सरकार ने इस स्कीम पर पूरे 8.2 प्रतिशत की कड़क वार्षिक ब्याज दर निर्धारित की है।

इस योजना की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें आपको मिलने वाले ब्याज का भुगतान सालाना करने के बजाय हर तीन महीने यानी अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की पहली तारीख को सीधे आपके लिंक बैंक खाते या पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है।
इस सरकारी स्कीम की मूल समय सीमा 5 वर्ष तय की गई है। हालांकि, यदि निवेशक मैच्योरिटी के बाद भी अपने इस सुरक्षा कवच को जारी रखना चाहता है, तो उसे अपनी मैच्योरिटी पूरी होने के बाद इस खाते को आगे और 3 वर्षों के लिए बढ़ाने की शानदार लचीली सुविधा भी मिलती है।
₹30 लाख के निवेश पर होगी कमाई
यदि कोई वरिष्ठ नागरिक इस योजना के तहत सरकार द्वारा तय की गई अधिकतम 30 लाख रुपये की निवेश सीमा का पूरा लाभ उठाता है, तो 8.2% की ब्याज दर के हिसाब से उनकी सालाना कुल ब्याज की कमाई लगभग 2 लाख 46 हजार रुपये बनती है।
चूंकि इस योजना में तिमाही भुगतान का कड़ा नियम है, इसलिए हर तीन महीने में आपके खाते में सीधे ₹61,500 की निश्चित सरकारी राशि क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि इस तिमाही रकम को हम मासिक बजट के हिसाब से समझें, तो यह औसतन लगभग ₹20,500 प्रति माह बैठती है।
इतनी और नियमित आय से कोई भी बुजुर्ग दंपत्ति अपने घर का बिजली-पानी का बिल, महंगी दवाइयाँ, राशन और अन्य घरेलू खर्च बिना किसी के आगे हाथ फैलाए बेहद स्वाभिमान के साथ उठा सकता है, जबकि उनका निवेश किया गया 30 लाख रुपये का मूलधन भी पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
पति और पत्नी मिलकर ऐसे बढ़ाएं मासिक इनकम
इस योजना का एक और बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि घर के वरिष्ठ दंपत्ति यानी पति और पत्नी अलग-अलग या जॉइंट रूप से इस स्कीम का दोहरा लाभ उठा सकते हैं। यदि पति और पत्नी दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है और वे दोनों अपने-अपने नाम से 30-30 लाख रुपये का अधिकतम निवेश करते हैं, तो उनका कुल पारिवारिक निवेश बढ़कर सीधे 60 लाख रुपये हो जाता है।
इस 60 लाख रुपये के कॉपर्स पर 8.2% की दर से सालाना कुल ब्याज 4 लाख 92 हजार रुपये बनेगा, जिसका मतलब यह हुआ कि इस बुजुर्ग दंपत्ति के घर में हर तीन महीने में पूरे 1 लाख 23 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि आएगी।
मासिक औसत के हिसाब से यह कमाई लगभग ₹41,000 प्रति माह हो जाती है, जो रिटायरमेंट के बाद एक आलीशान और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए पर्याप्त से भी अधिक है। ठीक इसी तरह, यदि कोई मध्यम वर्गीय निवेशक इस योजना में 15 लाख रुपये जमा करता है, तो उसे साल का 1 लाख 23 हजार रुपये का ब्याज मिलेगा और उसकी हर तिमाही की निश्चित कमाई ₹30,750 होगी।

धारा 80C के तहत टैक्स छूट
वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस योजना में निवेश करने का एक और तगड़ा आकर्षण आयकर में मिलने वाली छूट है। पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में निवेश की गई राशि पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का सीधा लाभ मिलता है।
हालांकि, निवेशकों को एक कड़े तकनीकी नियम के प्रति बेहद सावधान रहना चाहिए कि इस योजना से कमाया गया ब्याज पूरी तरह से टैक्स-फ्री नहीं होता है। एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाली ब्याज की यह रकम पूरी तरह से कर योग्य होती है और यह सीधे निवेशक के व्यक्तिगत इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार जोड़ी जाती है।
यदि कुल अर्जित ब्याज एक वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा तय सीमा से अधिक होता है, तो इस पर कड़ा टीडीएस भी काटा जाता है, जिससे बचने के लिए पात्र बुजुर्ग फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यदि आप बिना किसी जोखिम के 100% सरकारी गारंटी और शानदार नियमित रिटर्न चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके बुढ़ापे का सबसे कड़क सहारा है।