Indian Passport Fee Hike: अगर आप भी आने वाले दिनों में विदेश यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं या अपना नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो यह झटका सीधे आपकी जेब पर लगने वाला है। भारत सरकार भले ही पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानती, लेकिन अब इसे हासिल करने के लिए आपको अच्छी-खासी रकम ढीली करनी होगी।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस बढ़ोतरी के बाद अब भारतीय पासपोर्ट बनवाना हमारे पड़ोसी मुल्कों जैसे चीन और पाकिस्तान की तुलना में लगभग दोगुना महंगा हो गया है। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि अलग-अलग श्रेणियों में कितनी फीस बढ़ी है और नया नियम किस तरह नाबालिगों (Minors) की कैटेगरी को प्रभावित करेगा।
सामान्य और तत्काल श्रेणी में बढ़ोतरी

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पासपोर्ट की सरकारी फीस में एक झटके में भारी इजाफा किया गया है। वर्तमान समय में जो लोग सामान्य प्रक्रिया के तहत 36 पन्नों का फ्रेश पासपोर्ट अप्लाई करते हैं, उन्हें ₹1,500 देने पड़ते हैं, लेकिन 1 जुलाई से यह राशि बढ़कर ₹2,500 प्रति व्यक्ति हो जाएगी। यानी सीधे ₹1,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सबसे बड़ा झटका उन लोगों को लगा है जो इमरजेंसी में ‘तत्काल कोटा’ के तहत अपना पासपोर्ट बनवाते हैं। अभी तक तत्काल पासपोर्ट के लिए ₹3,500 की फीस चुकानी पड़ती थी, जिसे अब ₹2,500 बढ़ाकर सीधे ₹6,000 प्रति व्यक्ति तय कर दिया गया है। अचानक हुई इस वृद्धि से उन छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिन्हें अचानक किसी काम से विदेश जाना पड़ता है।
पड़ोसी मुल्कों से तुलना
अंतरराष्ट्रीय स्तर और भारतीय उपमहाद्वीप के परिप्रेक्ष्य में देखें तो भारत में पासपोर्ट बनवाना अब काफी खर्चीला सौदा बन गया है। यदि हम अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान के फीस स्ट्रक्चर पर नजर डालें, तो वहाँ एक सामान्य पासपोर्ट की आवेदन फीस 4,500 पाकिस्तानी रुपये है, जो भारतीय करेंसी के हिसाब से महज ₹1,400 के करीब बैठती है। वहीं वहाँ 5 साल की वैधता वाले इंस्टेंट (तत्काल) पासपोर्ट की कीमत भारतीय मुद्रा में करीब ₹2,400 और 10 साल की वैलिडिटी वाले पासपोर्ट की कीमत लगभग ₹4,000 है।
दूसरी तरफ हमारे पड़ोसी देश चीन में सामान्य पासपोर्ट की फीस 120 युआन है, जो भारतीय रुपए में बदलने पर लगभग ₹1,500 के आसपास होती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि चीन में तत्काल (Instant) पासपोर्ट की कोई अलग व्यवस्था नहीं है और वहाँ सभी आवेदकों को सामान्य श्रेणी के तहत ही आवेदन करना होता है। इस तुलना से साफ है कि नए बदलावों के बाद वैश्विक मंच पर मजबूत माने जाने वाले भारतीय पासपोर्ट को हासिल करने की लागत पड़ोसियों के मुकाबले लगभग दोगुनी हो चुकी है।
जंबो पासपोर्ट धारकों और नाबालिगों (Minors) के लिए भी बदले नियम

सरकार ने केवल बुनियादी कैटेगरी ही नहीं, बल्कि भारी मुसाफिरों (Frequent Flyers) के लिए जारी होने वाले जंबो पासपोर्ट (60 पेज) के नियमों और फीस शेड्यूल में भी संशोधन किया है। अब यदि आप 60 पन्नों वाले नए या री-इश्यू पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत पुरानी फीस ₹2,000 की जगह अब ₹3,000 का भुगतान करना होगा। वहीं इसी जंबो पासपोर्ट को तत्काल कोटे से निकलवाने के लिए पुरानी फीस ₹4,000 की जगह अब पूरे ₹6,000 चुकाने होंगे।
इसके अतिरिक्त, इस नए नोटिफिकेशन में पासपोर्ट शेड्यूल के वर्गीकरण को भी सुधारा गया है। नए नियमों के अंतर्गत अब 18 वर्ष से कम उम्र के सभी आवेदकों को पूरी तरह से ‘माइनर’ (Minor) यानी नाबालिग की श्रेणी में शामिल किया जाएगा, और उनके आवेदनों की स्क्रूटनी तथा फीस का निर्धारण इसी नए शेड्यूल के कड़े मानकों के आधार पर किया जाएगा। यदि आप भी पुरानी दरों का लाभ उठाना चाहते हैं, तो 30 जून 2026 की आधी रात से पहले अपना ऑनलाइन स्लॉट बुक कर लें।