8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर आ रही है। 8वें वेतन आयोग और महंगाई भत्ते (DA Hike) को लेकर सरकार की गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी सैलरी में कितना इजाफा होगा और नया डीए कब से लागू होगा, तो इस रिपोर्ट को अंत तक पढ़ें।
8वें वेतन आयोग और डीए हाइक
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है। अक्टूबर 2025 में भारत सरकार ने 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों को मंजूरी दी थी। तब से आयोग काम कर रहा है। अब लगभग आठ महीने बाद, इसे लागू करने की चर्चा तेज हो गई है। इस बीच, 55 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत पर एक बड़ा अपडेट आया है, जो सीधे आपकी जेब को प्रभावित करेगा।

सितंबर 2026 में नया डीए का एलान
केंद्र सरकार हर साल दो बार अपने कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर में बढ़ोतरी करती है। आपको याद दिला दें कि साल 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के लिए सरकार ने डीए में 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे महंगाई भत्ता 60% पर पहुंच गया।
इसका आधिकारिक एलान 18 अप्रैल 2026 को किया गया था। ‘ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन’ के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, साल की दूसरी छमाही (जुलाई से दिसंबर 2026) के लिए डीए में बढ़ोतरी का अलान आमतौर पर सितंबर में किया जाता है। हालांकि, कभी-कभी प्रशासनिक कारणों से यह अक्टूबर तक भी टल सकता है.
जानिए कैसे तय होता है आपका महंगाई भत्ता
सरकार किसी भी डीए बढ़ोतरी को अंतिम रूप देने के लिए कम से कम 2 से 3 महीने के आर्थिक आंकड़ों का अध्ययन करती है। सिर्फ जुलाई का डेटा देखकर जुलाई से दिसंबर तक का डीए नहीं तय किया जा सकता।
यह पूरा कैलकुलेशन लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करता है। अप्रैल 2026 में AICPI-IW का आंकड़ा 0.8 अंक बढ़कर 149.9 पर पहुंच गया है। अब जुलाई 2026 से लागू होने वाला नया डीए पूरी तरह से मई और जून 2026 के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।
सुझाव जमा करने की समय-सीमा समाप्त

8वें वेतन आयोग के सामने अपनी मांगें और सुझाव रखने की आखिरी तारीख 15 जून 2026 थी, जो अब खत्म हो चुकी है। आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विभिन्न श्रेणियों के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन ढांचे में सुधार के लिए यह विंडो खोली थी। समय-सीमा खत्म होने के बाद आयोग ने स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा का एक बड़ा चरण पूरी तरह से पूरा कर लिया है।
कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से क्या मांगें रखी हैं
केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने जो ज्ञापन सौंपे हैं, उनमें मुख्य रूप से सैलरी और पेंशन में सुधार पर जोर दिया गया है। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- यूनियनों की सबसे बड़ी मांग है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाया जाए और फिटमेंट फैक्टर में भी अच्छा इजाफा किया जाए।
- कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने या NPS/UPS के ढांचे में बड़े सुधार की मांग की है।
- इसके अलावा, हाउस रेंट अलाउंस, रिस्क पे, बोनस और छुट्टियों के फायदों में और सुधार की बात कही गई है।
मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि 15 जून को सुझाव जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही आयोग ने बड़ा काम खत्म कर लिया है। अब आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स और न्यायिक अधिकारियों से मिले सुझावों का गहराई से अध्ययन करेगा और अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में तेजी लाएगा।